भारत में पनप रहा है, नेपाल जैसा आक्रोश

सोशल मीडिया पर रोक तो बहाना बन गया, दरअसल नेपाली आवाम बीते कई बरसों से शोषण सहन कर रही थी और जैसे ही मीडिया पर रोक लगी तो यही चिंगारी आग पकड़ गई।,, नेपाल में जो हुआ उससे भारत को अलग नहीं समझा जा सकता,, भले ही नेपाल अलग देश है मगर भारत की आध्यात्मिक, सामाजिक, वैचारिक, पारंपरिक, व्यापारिक रिश्ते कुछ ऐसे हैं की भारत और नेपाल को अन्य देशों के नजरिए से नहीं आंका जा सकता, नेपाल के लिए कोई बीजा पासपोर्ट, अनिवार्यता नहीं, भाषा त्यौहार और धार्मिक मान्यताएं भी एक दूसरे के सीमा में हैं,, नेपाल में सत्ता का तख्ता पलट जिन कारणों से हुआ,, ठीक वे तमाम कारण भारत में भी नजर आते हैं।

जिससे देश को बड़ा नुकसान होगा, आजादी खतरे में आ सकती है, विदेशी ताकतें देश के टुकड़े करने का षडयंत्र कर सकती हैं।
अतः देश के हर नागरिक से हम निवेदन करते हैं कि समय रहते अपनी जिम्मेदारी, जवाबदेही और अपने संवैधानिक कर्तव्य पालना पर ध्यान दें।


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