श्रीमान, पहलवान, कद्रदान, इंसान, घरेलू हो या मेहमान अगर आपका नहीं चल रहा है कोई काम,, तो,,मेरी बात सुनो खोलकर कान,, सबसे बढ़िया है दलाली की दुकान। ना gst का लफड़ा, नहीं इनकम टैक्स का झंझट, बस साहब से सेटिंग कर लो,, कोई SC की जमीन बेचने की परमिश लेनी हो,या कुरेबंदी की या फिर अमलदरामद कराना हो, सभी केस आपकी दुकान से ही सॉल्व होंगे,, किसी का नाम FIR से निकलवाना हो तो दलाली की दुकान पर तो जाना पड़ता ही है।
मेरी बात पर विश्वास नहीं हो रहा तो ये आपका अपना मसला है।,, दूर क्यों जाते हो पुद्दन चौधरी जी को ही देख लो 2013-14 से दुकान धुंआधार चल रही है। पुद्दन की दुकान की कोई और ब्रांच नहीं है।,, ये समझो कि दलाली का सबसे भरोसेमंद ठिकाना है,, पुद्दन चौधरी की दलाली की दुकान,,।
काम कलेक्ट्रेट का हो विकास भवन का, तहसील का हो या BKDA का रजिस्ट्री विभाग में स्टॉप घपला,,,,,आज पुद्दन चौधरी जी की दुकान पर लोगों को जाना ही पड़ता है। नमामि गंगे मिशन के कार्यक्रमों की तस्वीर देख लो, या नुमाइश की पुद्दन चौधरी की फोटो हर छोटे बड़े कलाकार या अधिकारी के साथ नज़र आ ही जाएगी।
आपको भी पुद्दन चौधरी जी से कुछ सीखना चाहिए,, मजे की बात तो ये है कि पुद्दन चौधरी ने जब से दलाली की दुकान खोली है,, बाकी सभी दलालों को नानी याद आ गई है,, पहले एक पत्रकार जी छोटी मोटी दलाली,RTI act से जानकारी लेकर कर लिया करते थे,, मगर पुद्दन चौधरी ने सबके झंडे उखाड़ दिए हैं।
नायब साहब से लेकर बड़े साहब के दफ्तर और कैंप तक पुद्दन चौधरी के जलवे हैं। सत्ता वालों के बीच भी पुद्दन चौधरी की घुसपैठ है,, सी पी सिंह जी ने खाद्यान्न वितरण घोटाले में पकड़ा धाकड़ी की थी, पुद्दन जी ने भी प्रभाकर वाली टीम में अपना लंगड़ डाल दिया था,, तब से दुकान और बेहतरीन चलने लगी। हां ये तो है कि पुद्दन चौधरी की सक्रियता और मेहनत तो है।
पुद्दन जी अगर काम आ गया तो रात दिन दौड़ते देखा जा सकता है।,,, आपकी तरह ग्यारह बजे सो कर उठना सात बजे पीने पिलाने वाली महफिल करना ऐसा करते हमने पुद्दन को कभी नहीं देखा,, हां अगर किसी साहब के बच्चों के डाइपर लाने की बात हो या ऐसी और कम्पूटर की व्यवस्था पुद्दन साहब एक झटके में हाज़िर कर देते हैं।,, अब आप क्यों सोच में पड़ गए,,,, भई ये सब पुद्दन चौधरी अपनी जेब से थोड़ी ना करते हैं।
भई वो कहावत तो आपने सुनी होगी ही कि भोले जी क्या घर से दें,, इसका लेकर उसको दें,,,।
एक बात तो है कि पुद्दन चौधरी हमेशा मौके पे चौका मारते हैं,, गज़ब का कॉन्फिडेंस और वाकपटुता,, वरना एक संविदा कर्मी कैसे भला मजिस्ट्रेटों की हनक दिखा सकता है,, और तो और खुद अपने बॉस विज्ञान अधिकारी को ही ताक पे,,उठा कर रखा दिया ,, अजी शायद VC करने वाले आधे साहबों को,शायद ये भी पता नहीं कि NIC का चीफ कौन है।
अब अगर पुराने पुराने सरकारी बाबुओं की सुलग रही तो सुलगे करे,,,। पुद्दन चौधरी की दलाली से रोष व्याप्त हैं तो होते रहे,,,,? मेरी आपको नसीहत है कि अगर बिना लगाए लाखों कामना चाहते हो तो पुद्दन चौधरी जी की भांति दलाली की दुकान खोल डालो,, फिर देखना तरक्की कैसे कदम चूमती है,, आप भी प्रॉपर्टी डीलरों के साथ पत्ती डालना हो ,,या रॉयल स्टेट में,, पैसा लगाना हो,, फिर चाहे शराब के ठेके खोलना या FCI के टेंडर हथियाना,, आपकी मर्जी।
जहां तक मेरी बात है,, मैं पुद्दन चौधरी जी के टेलेंट से बहुत प्रभावित हूं और जलन भी होती है। भगवान ने दलाली का ज्ञान मुझे क्यों नहीं दिया,,। भला इस महगाई के दौर में पैसा कमाना कौन नहीं चाहता,, मगर,,हमको,दलाली आती है ना ही चापलूसी,, इसी लिए हम सिस्टम में फिट हो ही नहीं पाते,, खैर।
आपको मैंने सही सलाह दी है,, रामजी का नाम लेकर और, पुद्दन चौधरी को अपने ईष्ट देव मान कर,ध्यान करके ,,दलाली की दुकान खोल डालो।। देखो जो मेरी समझ में आया, वो मैने आपको बता दिया,, अब,, फिर मिलेंगे,,। सियावर रामचंद्र जी की जय चलो,, हटो बचो।