जनसेवा की आड़ में जन लूट करते केंद्र संचालक, ई डिस्ट्रिक्ट गवर्नेन्स में करोड़ों का खेल ?

उत्तर प्रदेश

जी हां, क्योंकि जिले के कई हजार , जनसेवा केंद्रों, लोकवाणी केंद्रों और मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री के शिकायत पोर्टल आदि, लगभग सभी विभागों की डिजिटल प्रणाली उक्त लोकवाणी समिति या ई डिस्ट्रिक्ट गवर्नेन्स (यूनिट) की पाइप लाइन से होकर ही गुजरती है।


आपने अखबारों, न्यूज चैनलों और न्यूज पोर्टलों पर शायद ही कभी इस व्यवस्था के बारे में कोई खबर देखी हो,, हमारा ध्यान भी कुछ लोगों की शिकायत के बाद इस तरफ गया। दरअसल जनसेवा के नाम पर, कथित जनसेवा केंद्र जनता को लूट रहे हैं। 20,30,70 रुपए सरकारी शुल्क वाले दस्तावेज के लिए केंद्र संचालक ग्राहकों से 150-2 00रुपए वसूल रहे हैं।

यहां सवाल होता है कि जब केंद्र संचालकों को ई डिस्ट्रिक्ट गवर्नेन्स वापिस उसका कमीशन देता है तो फिर जनता से डेढ़ सौ, दो सौ रुपए तक की अवैध वसूली क्यों और किसके संरक्षण में? होती है।
सवाल ये भी है कि ग्राहकों से हो रही अवैध/वैध वसूली GST, इंकमटैक्स के दायरे में है या नहीं? और आवाम को लुटने के लिए क्यों छोड़ दिया गया?

अब आप इस सरकारी प्रणाली की गंभीरता को महसूस कर रहे होंगे ।
,, जब हमने इसे समझा तो इस महत्वपूर्ण प्रणाली में भ्रष्टाचार, चापलूसी, अवैध उगाही की कई दरारें और सुराख भी सामने आए,,क्या यकीन करेंगे कि, इस खेल में संविदा पद पर तैनात,प्राइवेट प्लेयर (ई डिस्ट्रिक्ट प्रबंधक) इतना ताकतवर भी हो सकता है जो कि एक क्लास वन अधिकारी,जो इस प्रणाली का नोडल ऑफिसर भी हो,,,, को भी दरकिनार कर सकता है।,,,,?

हांलाकि उक्त ई डिस्ट्रिक्ट गवर्नेन्स समिति के चेयरमैन DM (जिला अधिकारी) खुद होते हैं और जैसा कि हम पहले जिक्र कर चुके हैं, नोडल ऑफिसर NIC (नेशनल इंफ्रामेटिक सेंटर बुलंदशहर) के उप निदेशक एवं जिला सूचना विज्ञान अधिकारी श्री मयंक गोयल जी हैं।


परन्तु जब हमने मयंक गोयल जी से इस विषय में ज्ञानवर्धन चाहा तो उन्होंने खुद को तकनीकी जानकारी तक सीमित करते हुए, ई डिस्ट्रिक्ट गवर्नेन्स समिति के प्रबंधक पीयूष चौधरी तथा LCO विजय पाल जी का नाम सुझाया।
हम अपने दर्शकों को ये बताना उचित समझते हैं कि इस पूरे योजना में तकनीकी भूमिका वामयटेक और CSC नामक दो कंपनियों की है।
जिले में इनका प्रबंधन अर्पित भारद्वाज और पिन्टू चौधरी संभालते हैं।


जहां तक बात पीयूष चौधरी जी की है तो वे संभवतः 2013-14 से लोकवाणी समिति से जुड़े हैं पूर्व DM बी चंद्रकला ने भी किसी मामले में पीयूष चौधरी की क्लास लगाई थी और पूर्व जिला अधिकारी सी पी सिंह के समय में खाद्य विभाग के एक मसले में पीयूष साहब काफी चर्चित रहे।,, हमारी टीम की पड़ताल अभी जारी है। जिसे हम अगली खबर में आप तक लाएंगे।

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