आप के सामने जो खबर, वीडियो, फोटो हैं, ये यमुनापुरम स्टेडियम परिसर में सुदृढ़ीकरण किए जा रहे ऑल वेदर स्विंगपूल के हैं,, ये सब आपके संज्ञान में लाना इस लिए जरूरी है, ताकि आप समझ लें भ्रष्ट अधिकारी किस तरह शासन की योजनाओं को तोड़ते, और धूल दूषित कर अपने चहते ठेकेदार या कंपनी को मनमाने तरीके से ठेके देकर, सरकारी पैसा डकर जाते है।
ये खबर करीब सात सौ करोड़ के घपले तक जाएगी,, शुरुआत एक छोटे से किस्से से करते है। उपरोक्त स्विंगपूल अभी ठीक हालत में था,, और bkda के पास बजट भी था,, इसलिए प्राधिकरण के पापियों ने बड़े वाले इंजिनियर साहब यानी आनंद मिश्रा जी की अगुवाई में खेल आरंभ कर दिया,, स्विंगपूल जो लगभग दुरुस्त था उसे जर्जर करार दिया गया। और बीते साल में सिविल कार्य के लिए टेंडर निकाल दिया, तब जो सिविल कार्य जीर्णोद्वार या सुदृढ़ीकरण के नाम पर होना था, वो ठेका 80 लाख में निर्धारित हुआ।
यहां आपको ये भी जानकारी दें जो हमें अपने विश्वसनीय सूत्रों से मिली है, कि विभाग के कई पुराने खिलाड़ी भ्रष्टाचार के इस खेल में परमानेंट खिलाड़ी हैं,, ठेकेदार/कंस्टेंशन कंपनी का चेहरा होता है और खिलाड़ी प्राधिकरण के पापी जो अनेक प्रतियोगिता और विकास के बड़े बड़े मैचों को फतेह कर हजारों करोड़ का बटवारा पूरी ईमानदारी से कर चुके हैं।
इनकी चर्चा अभी यही छोड़ देते हैं, बात स्विंगपूल की करते है,,, सुदृढ़ीकरण का ठेका 80 लाख में किसी और को जाते देख, विभाग के मुख्य शिल्पकार आनंद मिश्रा जी ने संभवतः बड़ी मेम से सलाह कर उक्त प्रोजेक्ट में बिजली का कार्य और बढ़ा दिया,, अब ये साधारण स्विंगपूल की योजना से एक ऑल वेदर स्विंगपूल योजना हो गई, पहले के ठेकेदार से छीन कर अब ये कार्य रॉयल कंस्ट्रक्शन कंपनी को 2करोड़ 92लाख 35 हज़ार में दे दिया गया। हमको जब ये भनक लगी तो हमने श्रीमान आनंद मिश्रा जी से ऑल वेदर स्कीम करने का फंडा समझना चाहा,, उन्होंने बताया कि अब गर्मियों में शीतल, सर्दियों में गर्म पानी नहाने वालों को मिलेगा। जिसमें आप छपा छप कर पाएंगे,,। वहां नहाने या तैरने वाले लोगों,को तैरने वाले कच्चे बनियान, महिलाओं को सिर पर लगाने वाली कैप, और चश्मे आदि मिलेंगे या नहीं,,, वे वापिस ले लिए जाएंगे या इस्तेमाल कर लोग उन्हें साथ ले जा सकते हैं,,, ये ना हमने पूछा, ना ही मिश्रा जी ने बताया।
मगर साहब जब हमने वर्क आर्डर की प्रति मांगी तो हमको नहीं मिली। दरअसल हम जानना चाहते थे कि गर्म या ठंडा पानी करने वाली मशीन किस देश की या कंपनी की होगी ,, बाजार में क्या कीमत होगी,। दिल्ली, नोएडा हमने जब जानकारी ली तो पता चला, कि ऑल वेदर स्विंगपूल का सारे उपकरण ही अधिकतम एक करोड़ से भी कम के है,, और सिविल कार्य वो आपको अंदाजा होगा ही,,यानी ,, अब आप समझ चुके होंगे। कि विकास प्राधिकरण जनता के पैसों को ठिकाने लगाने की योजना को अमली जामा पहना चुका है।
प्राधिकरण में ऐसे मामले भी हैं जिनका जवाब पापी गण दे ही नहीं सकते,, क्योंकि गया वक्त, बैंकों के वाउचर चीख चीख कर बोल रहे हैं। ED हो या CBI एक दिन में गिन भी नहीं पाएंगे। (अगली खबर का इंतजार कीजिए)