कानपुर/02/11/2025/Sunday
गत 28 अक्टूबर को कानपुर इटावा हाइवे पर मिला एक अज्ञात शव जिससे शुरू हुई एक ऐसी जांच जिसने सबके होश उड़ा दिए। शव के पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट होने के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
जी हां ये मामला कानपुर देहात के गांव अंगदपुर के रहने वाले प्रदीप की हत्या का है ।
जिसमें जांच के बाद,ये बात प्रकाश में आई है कि जिस मौत को एक आकस्मिक एक्सीडेंटल केस बताया जा रहा था दरअसल वह एक सोची समझी साजिश के तहत की गई हत्या निकली ,,जिसमें कोई दोस्त या आसपड़ोस का कोई व्यक्ति हत्यारा नहीं बल्कि प्रदीप की सगी मां ही उसकी हत्या की दोषी निकली।

दरअसल कानपुर के अंगदपुर गांव के रहने वाले प्रदीप शर्मा जिनकी उम्र 25 वर्ष बताई गई है वे एक दक्षिणी राज्य में चाट का ठेला लगाने का काम करता था, दिवाली पर अपने घर आया था।
प्रदीप अपनी मां के साथ नहीं रहता था क्योंकि की उसकी मां ममता का अफेयर उसके एक पड़ोसी मयंक कटियार के साथ चल रहा था । जबकि मृतक प्रदीप के बड़े भाई और पिता की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी,जिसे करीब 6-7 साल हो चुके ,, प्रदीप अपनी मां के मयंक के साथ बने अवैध संबंधों से नाराज था इस संबंध से बिल्कुल खुश नहीं था। इसीलिए प्रदीप अपने छोटे भाई कुलदीप के साथ दूसरे राज्य में चाट का स्टाल लगाता था।
वे जब भी अपने गांव आता तो अपनी मां के साथ नहीं रहता था पास के घर में अपने बाबा जगदीश नारायण और चाचा चाची के साथ ही रहता था,, साथ ही आपको ये भी बता दें कि प्रदीप के अलावा दो भाई और एक बहन हैं जिसमें इनके एक भाई की मृत्यु पहले ही हो चुकी है दूसरे भाई का नाम कुलदीप है और बहन की शादी हो चुकी है बताते चले कि प्रदीप के पिता की मृत्यु भी 7 वर्ष पूर्व हो चुकी है जिसके बाद से ही प्रदीप की मां का अफेयर उसके पड़ोसी मयंक कटियार के साथ चल रहा है।

साथ ही इसमें एक बड़ा खुलासा भी ये सामने आया है कि प्रदीप की मां और उसके प्रेमी द्वारा प्रदीप के नाम पर 4 पॉलिसी करवाई गई थी जो कि 4लाख 6लाख 8लाख और 15लाख रुपए की थी साथ ही इसमें ताज्जुब की बात यह भी है कि इन पॉलिसीज में नॉमिनी की कोई नहीं बल्कि खुद मां बनी और साथ ही इंसोरेंस कम्पनी को जो नंबर दिया गया वे भी मयंक कटियार यानी प्रदीप की मां के प्रेमी का ही था।
इस खुलासे के बाद ये शंकाएं भी जताई जा रही है कि ये हत्या कहीं ना कहीं प्रदीप द्वारा जताई जाने वाली आपत्ति के साथ साथ उसके नाम पर कराई गई पॉलिसी का पैसा हड़पने के लिए भी कराई गई है।

