Grievance for Registration No: PRSEC/E/2025/0056904
महामहिम राष्ट्रपति श्रद्धेय द्रौपदी मुर्मू जी, भारत सरकार, नई दिल्ली। महामहिम जी संलग्न प्रार्थना पत्र, देश की एकता, अखंडता और समानता के अधिकार से जुड़ा है,, कृपया अग्रसरित कर, न्याय दिलाकर,कृतार्थ करें। चक्रपाणि चक्र
प्रतिष्ठार्थ 1* श्री ज्ञानेश कुमार जी,माननीय मुख्य चुनाव आयुक्त ,भारत सरकार ,नई दिल्ली 2* बी.आर.गंवाई जी माननीय मुख्य न्यायाधिपति, माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली।
विषय- इस लोकांत्रिक देश में राजनैतिक दलों द्वारा चुनाव के दौरान फ्री की रेवड़ियां बांटे जाने पर अंकुश लगाये जाने एवं राजनैतिक दलों द्वारा फ्री की रेवड़ियां जो बांटी गई हैं उनकी वसूली संबंधित राजनैतिक दलो से वसूल कर उन्हें भारत की संचित निधि में जमा करवाये जाने बाबत ।
मान्यवर महोदय, उपरोक्त विषय में प्रार्थी की ओर से अभ्यावेदन प्रस्तुत कर निम्नानुसार निवेदन है कि:-
(1)यह कि प्रार्थी इस देश का नागरिक होकर, करदाता है तथा वर्तमान में लोकांत्रिक प्रक्रिया के तहत विभिन्न स्तरो पर निर्वाचन करवाये जाकर चुनाव करवाये जाते हैं, जिसके तहत वर्तमान में बिहार राज्य में विधान सभाओं के निर्वाचन आगामी माह में संपन्न करवाये जाना हैं अभी हाल ही में प्रधानमंत्री महोदय द्वारा बिहार राज्य की लगभग 75,000 हजार महिलाओं के खाते में प्रत्येक महिला के खाते में 10000/- रुपये जमा करवाये जा रहे है जिससे इस देश की गरीब जनता पर लगभग 7.5 हजार करोड का अतिरिक्त भार पडता हैं, क्या किसी देश के प्रधानमंत्री को चुनाव के समय इस तरह की फीबी योजना Freebies Scheme लागू करने का अधिकार है। कोई भी योजना कार्यपालिका के निर्णय अर्थात संसद या मंत्री परिषद की मंजूरी बजटीय प्रावधान और प्रशासनिक प्रक्रिया के अधीन होगा।
(2) यह कि इस देश में जहां तक समानता के अधिकार संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 का प्रश्न हैं जिसमें स्पष्ट रुप से उल्लेखित किया गया है कि किसी भी व्यक्ति को समानता के अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और किसी भी व्यक्ति से जाति धर्म एवं लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा
,यदि उक्त योजना केवल बिहार की महिलाओं तक ही सीमित की जाती हैं तो अन्य राज्यो की महिला दावा कर सकती है कि यह समानता के अधिकार का उल्लंघन है लेकिन इस तरह मात्र चुनावी वादो अर्थात संबंधित राज्य में किसी राजनीतिक दल द्वारा चुनाव जीतने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर किसी राज्य की महिलाओं को नगद राशि रेवडी के रुप मे देना न्यायिक समीक्षा में मनमाना और संविधान के अनुच्छेद 14 के खुला उल्लंघन है।
(3) यह कि इस देश की जनता के टैक्स की राशि का चुनाव के दौरान सत्तासीन राजनीतिक दल द्वारा अनावश्यक रुप से चुनावी लाभ के लिए फीबी योजना Freebies Scheme लोकलुभावन योजना ही कहा जाएगा क्योकि इस तरह की रेवडी बाटना लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 123 के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है क्योकि केंन्द्र या राज्य सरकार यदि ऐसी योजना लाती हैं तो उसे बजटीय प्रावधान न्यायसंगत निक्षेप और समानता के आधार पर आधारित होना चाहिए ताकि वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 समानता एवं अनुच्छेद 162, 266 एवं 282 के वित्तीय प्रावधान के अनुरुप हो इस तरह उक्त प्रावधान का पालन नहीं करने के कारण मनमाने रुप से सरकार द्वारा निरंकुशता पूर्वक कार्यवाही कर अपने दायित्व का निर्वहन न करते हुए जनता के पैसों का दुरुपयोग किया जा रहा हैं क्योंकि सरकार का उक्त कृत्य अन्य राज्य की महिलाओं के लिए यह भेदभावपूर्ण रवैया हैं। welfare Scheme के तहत की गई कार्यवाही एवं फीबी योजना Freebies Scheme में काफी अंतर है यदि सरकार की नीति व नीयत साफ है तो पूरे देश की महिलाओ के उक्त योजना का लाभ देना चाहिए था।
अतः माननीय से मेरा विनम्र अनुरोध है कि उक्त प्रकृति की फीबी योजना Freebies Scheme लोकलुभावन योजना को बंद किया जावे तथा राशि सत्तासीन राजनीतिक दल द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 समानता एवं अनुच्छेद 162, 266 एवं 282 के वित्तीय प्रावधान के उल्लंधन में बांटी गई हैं,,,, उसे संबंधित राजनीतिक दल से वसूल की जाकर उसे सरकारी खाते में dx जाने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जावे साथ ही चुनाव के समय इस तरह की सत्तसीन राजनीतिक दल द्वारा फीबी योजना Freebies Scheme लोकलुभावन योजना का बंद करवाया जाये।,
कृपया जनहित में न्याय दें। भवदीय चक्रपाणि चक्र अध्यक्ष,Press Core Council संपादक, world headline editorworldheadline@gmail.com Mo,, 8218713203