कार्यालय संवाददाता / 08/अप्रैल/2025 /
ट्रम्प के टैरिफ लगाने के बाद पूरी दुनिया में घमासान युद्ध छिड़ा हुआ है | वहीं दूसरी ओर ट्रम्प द्वारा टैरिफ लगाने के कारण दुनिया भर के बड़े बड़े उद्योगपतियों को भी बड़े आर्थिक संकटों से गुजरना पड़ रहा है , क्योंकि ट्रम्प के टैरिफ लगाने के कारण दुनिया भर के शेयर भी धड़ाम हो गए हैं जिसमें बड़े उद्योगपतियों को तो नुकसान हुआ ही है, और साथ ही मिडल क्लास को भी सफर करना पड़ रहा है क्यूंकी मिडल क्लास द्वारा भी जो छोटी छोटी पूंजी मिडल क्लास जमा करता है वो शेयर मार्केट में लगा देता है और अब उसको भी इस आर्थिक नुकसान का भागीदार बनना पड़ रहा है, जबकि टैरिफ बढ़ने के कारण पहले से ही पेट्रोल और गैस सलेंडर के दम बढ़ चुके हैं |

सबसे पहले इस बात पर ध्यान दिए जाने की ज़रूरत है कि शेयर बाज़ार में जो कुछ भी होता है, वो अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलावों से अलग होता है. यानी, शेयर की क़ीमतों में गिरावट का मतलब हमेशा आर्थिक संकट नहीं होता. लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है. किसी कंपनी की स्टॉक मार्केट वेल्यू में गिरावट आने का अर्थ है कि भविष्य में उसके मुनाफ़े के मूल्यांकन में बदलाव. बाज़ार का अनुमान है कि टैरिफ़ बढ़ने के बाद चीज़ों की लागत बढ़ेगी. इसकी वजह से कंपनियों के मुनाफ़े में गिरावट आएगी. और महंगाई बढ़ेगी |

