पूरे देश में इस वक्त डेंगू मलेरिया का प्रकोप बेहद तेज़ी से आगे बढ़ रहा है जिसको लेकर सभी प्रदेशों की सरकारों द्वारा भी तत्परता दिखाने का प्रयास किया जा रहा है, और इस घातक बीमारी को लेकर एडवाइजरी भी जारी की गई हैं। परंतु उत्तर प्रदेश के जनपद बुलंदशहर की करीब सभी नगर पालिका का प्रशासन डेंगू मलेरिया को लेकर खाना पूर्ति करता नजर आ रहा है। जनता द्वारा अब लापरवाही बरतने के आरोप लग रहे हैं, । जबकि कुछ दिन पूर्व 23 सितंबर में जिलाधिकारी बुलंदशहर श्रीमती श्रुति के नेतृत्व में भी डेंगू मलेरिया जैसी और अन्य बीमारियों के बारे में तथा जनता को इनसे सतर्क रहने के विषय में शुरू हो रहे “विशेष संचारी रोग नियंत्रण” अभियान को लेकर भी बैठक की गई थी ।
परंतु ऐसा प्रतीत होता है कि स्वास्थ विभाग और जिले भर की नगर पालिका प्रशासन इस समस्या की गंभीरता को नहीं समझ रहा है, या जान कर अनजान बना हुआ है। बुलंदशहर मुख्यालय में सवाल नगर पालिका अध्यक्ष दीप्ति मित्तल पर भी उठते हैं की क्या उनके लिए जनता का स्वास्थ्य कोई माइने नहीं रखता
हम ये सवाल इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वर्तमान में जनपद में डेंगू मलेरिया से ग्रसित 50 लोगों की पुष्टि हो चुकी है, जिसके बारे में स्थानीय जनता द्वारा लगाए गए आरोप सीधा सीधा नगर पालिका प्रशासन की ओर ही इशारा करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम द्वारा एंटी लार्वा और फॉगिंग ठीक प्रकार से न करके केवल दिखावे और फोटोग्राफी के लिए करवाई जा रही है। जिससे आम जनता का स्वास्थ्य और खास तौर पर बच्चों का स्वास्थ्य खतरे में जाता नज़र आ रहा है।
साथ ही स्थानीय लोगों का तो ये आरोप भी है कि लापरवाही केवल दवाई छिड़कने में नहीं बल्कि साफ सफाई में भी खुल कर की जा रही है, क्योंकि नगर पालिका द्वारा बड़े नालों को साफ कराने का भी कोई आदेश पारित नहीं किया गया है क्योंकि अभी तक किसी भी नाले की साफ सफाई कराने की कोई तैयारियां नज़र नहीं आ रही है। जिसके कारण अनेकों बीमारियां नालों में जन्म लेकर हमारे घरों तक आ सकती हैं।
इस बात को लेकर जनपद की जनता की यही मांग है कि नगर पालिकाएं, टाउन एरिया और स्वास्थ विभाग अपनी फोटोग्राफी से बाहर निकलकर ज़मीनी स्तर पर काम करे ,,जनता और बच्चों के स्वस्थ से ना खेले, साथ ही नालों की सफाई भी जल्द कराई जाए और जनपद में साफ सफाई पर जोर दिया जाए, जिससे बीमारियों से जनपद की जनता दूर और स्वस्थ रह सके।