सुप्रीम कोर्ट से हरियाणा यूनिवर्सिटी के प्रोफेसेर अली खान महमूदाबाद को मिली अंतरिम ज़मानत ,तीन IPS ऑफिसर कइ टीम को दिए जांच के आदेश …

21/मई /2025/बुधवार /WEDNESDAY

कुछ दिन पहले हरियाणा यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर TWITTER पर एक पोस्ट लिखी थी जिसे उन्होंने अंग्रेजी में लिखा था और दूसरी बात ये हैकी उन्होंने अपनी पोस्ट में ऑपरेशन सिंदूर के बारे में प्रेस कॉन्फ्रेंस द्वारा सभी जानकारी मीडिया और जनता तक पहुँचाने के काम करने वाली जबाज़ officers कर्नल सोफिया कुरेशी और विंग कमांडर व्योमीका सिंग के बारे में अपनिपोस्ट में कुछ शब्द लिखे थे, जिसे लेकर काफी विवाद खड़ा हो गया और विवाद इतना बढ़ गया की हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने प्रोफेसेर के खिलाफ NOTICE तक जारी कर दिया था लेकिन प्रोफेसर अली खान नोटिस पर मौजूद नहीं हुए जिसके बाद प्रोफेसर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हो गया और उन्हें अरेस्ट कर लिया गया लेकिन आज उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बादी राहत मिली है जी हां प्रोफेसर अली खान को सुप्रीम कोर्ट ने आज अंतरिम ज़मानत दे दी है और आगे की कार्यवाई तीन IPS OFFICERS कइ टीम को सौंप दी है |

अंतरिम ज़मानत देने के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर को तगड़ी फटकार भी लगी है और उनके द्वारा लिखी पोस्ट को ”डॉग व्हिसलिंग” बताया है और कहा की प्रोफेसर ने अपनी पोस्ट में जिन शब्दों का इस्तेमाल किया है वे शब्द दूसरों को अपमानित करने की मंशा से लिखे गए हैं और सुप्रीम कोर्ट ने प्रोफेसर के पोस्ट को ”डॉग व्हिसलिंग” कहा

क्या होता है ”डॉग व्हिसलिंग” ?

“डॉग व्हिसलिंग” (Dog Whistling) एक ऐसे राजनीतिक उपकरण का संदर्भ है जिसमें कुछ नेता या वक्ता अपने संदेश में ऐसे शब्दों का उपयोग करते हैं जो एक सामान्य दर्शक को सकारात्मक लग सकते हैं, लेकिन एक विशेष समूह के लिए एक गुप्त या नकारात्मक संदेश का संकेत देते हैं।

यह राजनीतिक भाषण में किया जा सकता है, जो एक नेता या पार्टी के भाषण में शामिल हो सकता है। यह राजनीतिक विज्ञापनों में भी किया जा सकता है। यह किसी विशेष समूह के खिलाफ एक छिपी हुई प्रतिक्रिया को प्रेरित करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। 

डॉग व्हिसलिंग एक ऐसी रणनीति है जो किसी विशेष समूह को भड़काने के बिना, उस समूह को लक्षित करने या उसके खिलाफ एक गुप्त संदेश भेजने के लिए उपयोग की जाती है। यह रणनीति अक्सर राजनीतिक भाषण में और राजनीतिक विज्ञापनों में देखी जाती है

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